
Dilkhush Kumar State Topper Rank -6 Interview | 10th Topper Interview 2025 Bihar Board |
खेत से लेकर बिहार टॉपर (Rank 6) तक का सफर!
दिलखुश कुमार की मेहनत, संघर्ष और सफलता की कहानी
दरभंगा जिले के एक छोटे से देहात (महेश गांव) से आने वाले दिलखुश कुमार ने यह साबित कर दिया है कि अगर मन में सच्ची लगन हो, तो कोई भी रुकावट आपको रोक नहीं सकती। खेत में मकई और गेहूं काटने वाले दिलखुश ने लोन (Loan) पर मोबाइल लिया और दिशा ऑनलाइन क्लासेज से पढ़ाई करके पूरे बिहार में छठा (6th) रैंक (484 अंक) हासिल किया है। आइए जानते हैं दिलखुश के टॉपर बनने के सीक्रेट्स!
🌟 दिलखुश की सफलता के 4 बड़े राज
1. लोन का मोबाइल और ऑनलाइन क्लास
- दिलखुश के पास खुद का मोबाइल नहीं था। मकई कटनी के बाद पापा ने ₹17,000 का मोबाइल लोन (Loan) पर दिलवाया था।
- गांव में अच्छी कोचिंग नहीं थी, इसलिए उन्होंने दिशा ऑनलाइन क्लासेज ज्वाइन किया।
- उन्होंने न सिर्फ वर्तमान बैच से पढ़ाई की, बल्कि पिछले साल (2023-24) का पूरा रिकॉर्डेड बैच भी खत्म कर डाला!
2. रात-रात भर जागकर पढ़ाई (Night Study)
- दिलखुश रात के 2:00 से 3:00 बजे तक लगातार पढ़ते थे।
- वह सिर्फ 5 घंटे की नींद लेते थे और सुबह देर से उठने के कारण माता-पिता से डांट भी सुनते थे।
- माता-पिता को पता नहीं होता था कि वह रात भर क्या करते हैं, लेकिन रिजल्ट आने पर सबको उन पर गर्व हुआ।
3. डेली टारगेट और शानदार रूटीन
- उनका रूटीन फिक्स नहीं था, लेकिन डेली टारगेट (Goal) फिक्स था। जो चैप्टर शुरू किया, उसे उसी दिन खत्म करते थे।
- सुबह उठकर मनीष सर की क्लास, फिर 2-3 घंटे सेल्फ स्टडी, और शाम 4 से 6 बजे तक दोबारा पढ़ाई।
- संजय सर की रात की क्लास खत्म होने के बाद फिर से रिवीजन करने बैठ जाते थे।
4. खुद के नोट्स और रिवीजन की ताकत
- क्लास के बाद पूरा नोट्स खुद बनाते थे।
- रिवीजन करते समय बिना देखे पूरा चैप्टर लिखते थे और जहां भूलते थे, वहां सिर्फ एक बार नोट्स देखते थे।
- हिंदी और संस्कृत के लिए संजय सर की सभी (पुरानी और नई) वीडियोस 3-4 बार देखीं।
📚 विषय-वार शानदार रणनीति (Subject Strategy)
✅ संस्कृत (98 अंक) & हिंदी (93 अंक)
संस्कृत के 14 चैप्टर्स को 5-6 बार पढ़ा और व्याकरण की वीडियो को क्रैश कोर्स में पूरा क्लियर किया। हिंदी में नर्वस होने के कारण 2 ऑब्जेक्टिव गलत हो गए, वरना वहां भी अंक अधिक आते!
✅ साइंस (100 अंक) & मैथ्स (99 अंक)
मैथ्स बचपन से ही मजबूत था। साइंस में 100 में से 100 अंक लाने के लिए लॉन्ग आंसर (Long Answer) को मॉडल पेपर या गाइड की भाषा में नहीं, बल्कि खुद समझकर अपनी भाषा में लिखा!
✅ सोशल साइंस - SST (94 अंक)
SST से डरने के बजाय मनीष सर के नोट्स को अच्छे से पढ़ा। नर्वसनेस के कारण 4 ऑब्जेक्टिव गलत हो गए थे!
🎯 2026 में परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए दिलखुश की सलाह
- ✅ सिलेबस खत्म करें: सबसे पहले अपना सिलेबस पूरा करने पर ध्यान दें।
- ✅ लगातार रिवीजन (Consistent Revision): सिलेबस खत्म करते समय पिछले चैप्टर्स को रिवाइज करना न भूलें।
- ✅ क्वेश्चन बैंक और मॉडल पेपर: रिवीजन के बाद हमेशा मॉडल पेपर और क्वेश्चन बैंक सॉल्व करें। इससे अंदाजा लग जाता है कि आप टॉपर बन सकते हैं या नहीं।
- ✅ सिर्फ ऑनलाइन से टॉपर: गांव के बच्चों को घबराने की जरूरत नहीं है, सिर्फ ऑनलाइन (दिशा क्लासेज) से पढ़कर भी टॉपर बना जा सकता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
दिलखुश की कहानी एक मिसाल है। खेत में काम करते हुए भी उसने जो सपना देखा, उसे सच कर दिखाया। जब संजय सर लाइव क्लास में देर से आते थे, तब भी वह गुस्सा होने के बजाय अपनी पढ़ाई करते रहते थे। अब दिलखुश 'सुपर 50' में रहकर पटना में JEE की तैयारी कर रहे हैं। आप भी बहाने बनाना छोड़ें और आज ही अपनी पढ़ाई में जुट जाएं!