Sadiya Khatoon से खास बातचीत: Bhagalpur District Topper ने बताया सफलता का राज
Sadiya Khatoon ने 12th Science में 464 Marks प्राप्त कर पूरे Bhagalpur District में First Rank हासिल किया। खास बात यह है कि उन्होंने 12th की पढ़ाई के दौरान किसी भी दिन Offline Coaching नहीं की और घर से रहकर Online Classes के माध्यम से यह सफलता हासिल की। इसी Success Story को जानने के लिए Sanjay Sir ने Sadiya और उनके Parents से खास बातचीत की।
🎤 Interviewer: Sanjay Sir
मेरा नाम Sadiya Khatoon है। मेरे पापा का नाम Mohammad Izhar Alam है। मैं Bhagalpur District के मिल्की गांव में रहती हूं। इस साल 12th में मेरे 464 Marks आए हैं और मुझे पूरे Bhagalpur District में First Rank मिला है। मैं 12th Science की student हूं।
👨👧 Sadiya के पिता से बातचीत
मैं बहुत खुश हूं। इतनी खुशी है कि मैं इसे बयां नहीं कर सकता। बच्ची के Topper बनने की खबर सुनकर मुझे बहुत खुशी मिली。
मैं चाहता हूं कि मेरी बेटी आगे भी पढ़े और अच्छा करे। आने वाली पीढ़ी के बच्चों से भी मैं यही कहना चाहता हूं कि वे Sadiya के नक्शे-कदम पर चलें, अच्छे से पढ़ाई करें और आगे बढ़ें।
हां। Matric में इनके Marks 90 percent से थोड़ा कम रह गए थे, इसलिए ये काफी उदास थीं। मैंने उनसे कहा कि इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। आगे और ज्यादा मेहनत करो और अच्छा करके दिखाओ।
पहले तो मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि Online पढ़कर ये इतना अच्छा कर पाएगी। लेकिन जब इसका Result देखा तो समझ में आया कि Online भी अच्छी पढ़ाई होती और अच्छे Classes होते हैं。
अब मुझे Online Study पर 100 percent पूरा विश्वास हो गया है। इतने दूर, एक छोटे से गांव में रहकर, जहां पढ़ाई की बहुत ज्यादा व्यवस्था नहीं है, वहां से Online पढ़कर District Topper बनना हमारे लिए बहुत गर्व की बात है।
👩👧 Sadiya की माँ से बातचीत
हम तो इतना भी नहीं जानते थे कि ऐसा होगा। ऊपर वाले ने हमारा इतना साथ दिया, इसकी खुशी की कोई हद नहीं है। आज तक हमें ऐसी खुशी नहीं मिली। आप लोग यहां आकर हमें इतना खुश देख रहे हैं, यह हमारे लिए बहुत बड़ी खुशी है।
हम उन्हें घर के काम से दूर रखते थे। हम कहते थे कि तुम पढ़ो और उन्हें हिम्मत देते थे। Matric में जब उनके Number कम आए और वह उदास हुईं, तब भी हमने कहा कि उदास होने की जरूरत नहीं है, आगे पढ़ो。
हम कोशिश करते थे कि वह Kitchen का काम न करें और अपनी पढ़ाई पर पूरा focus करें। जब उनका Result आया तो हमें बहुत खुशी हुई।
💻 Online Classes और Strategy
जब मैं Matric में थी, तभी मैंने Online Study की थी और बहुत अच्छा Score किया था। इससे मुझे काफी अच्छा लगा。
Online Classes का एक फायदा यह है कि Objective बहुत clear होता है। जब मन करे तब पढ़ सकते हैं और पहले ही Syllabus पूरा कर सकते हैं। इसलिए मुझे Online पढ़ाई पर पूरा भरोसा था。
मैंने Disha का Result भी देखा था और पहले से ही Online Study के अच्छे परिणाम देखे थे। इसलिए मैंने Online Classes को चुना।
Online Classes के कई फायदे हैं:
- 🌿 Time की बचत होती है।
- 🌿 Objective की तैयारी अच्छी होती है।
- 🌿 जब चाहें तब पढ़ सकते हैं।
- 🌿 रात में भी पढ़ सकते हैं।
- 🌿 Revision अच्छे से हो जाता है।
- 🌿 Science जैसे बड़े Subject को अपनी सुविधा के अनुसार manage कर सकते हैं।
- 🌿 Live Class में हजारों बच्चे साथ पढ़ते हैं, जिससे Competition की भावना भी आती है।
Sir लोग भी बहुत motivate करते थे। इसके अलावा मेरे 10th में कुछ Number कम हो गए थे। इसलिए मैंने सोचा था कि Inter में कुछ अच्छा करना है。
12th में आते ही मैंने तय कर लिया था कि इस बार कुछ अच्छा करना है। इसलिए April से लेकर January-February तक लगातार पढ़ती रही。
बीच में कभी ऐसा नहीं लगा कि मुझे Offline Coaching join करनी चाहिए। मुझे लगता है कि Online में भी बहुत अच्छा Content मिलता है। हालांकि Online और Offline दोनों अपने-अपने स्थान पर सही हैं, लेकिन यह Student पर depend करता है कि वह पढ़ाई को किस तरह लेता है।
Sir लोगों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। मैंने शुरू से लेकर अंत तक Sir लोगों से पढ़ा है。
मैं सभी Teachers को बहुत-बहुत धन्यवाद कहना चाहती हूं।
मैं Class के बाद Panel PDF से Notes बनाती थी। उसके बाद उन Notes का Revision करती थी。
मैं लिखती थी और फिर Revision करती थी। Physics में Derivation होता था तो उसे लिख-लिखकर Practice करती थी。
English में भी सिर्फ याद करने के बजाय लिख-लिखकर Practice करती थी।
मेरी Handwriting 10th में भी अच्छी थी। जब मैं Middle School में थी, तब Teachers हमसे बहुत लिखवाते थे। उसी समय से Handwriting अच्छी हो गई।
Biology में 5 Number कम मिले हैं और Chemistry में 1 Number कम मिला है。
इस बात का थोड़ा दुख है।
शुरुआत से मैं लगभग 7 से 8 घंटे पढ़ती थी। जब Exam का last time आता था तो लगातार पढ़ती रहती थी और जो काम था उसे पूरा करके पढ़ाई करती रहती थी。
इन 7-8 घंटों में Live Classes भी शामिल थीं।
मैं ज्यादातर Recorded Classes देखती थी। जब Objective का Test होता था तो Live Class देखती थी, क्योंकि उसमें Answer का Poll आता था और Answer देने में अच्छा लगता था。
बाकी Classes मैं Recorded देखती थी।
अगर Festival या किसी वजह से Class छूट जाती थी तो बाद में Recorded Class देख लेती थी。
एक दिन में दो Classes भी Recorded में आसानी से देख सकती थी। इस तरह छूटी हुई Classes को बाद में पूरा कर लेती थी।
ऐसा कोई Fixed Timetable नहीं था。
अगर मैंने तय किया कि आज Chemistry का कोई particular chapter पढ़ना है, तो उसमें जितना भी Time लगे, मैं उसे पूरा करती थी。
मैं एक दिन में सिर्फ एक Subject नहीं पढ़ती थी। शुरुआत से ही सभी Subjects को साथ लेकर चलती थी।
जब मैं 12th में आई तभी सोच लिया था कि इस बार कुछ करना है。
Exam में Question Paper मिलने के बाद भी मैं यही सोचती थी कि इस बार कुछ अच्छा करना है।
मेरा Mindset रहता था कि मुझे अपना 100% देना है, बहुत अच्छे से लिखना है और इस बार Result में कुछ अच्छा करना है।
ऐसा नहीं था。
जो Preparation करके गई थी, वही Questions आए और वही मैंने लिखा।
Online से बिल्कुल पढ़ें। अगर Student Self-Motivated है तो Online से बहुत अच्छा पढ़ सकता है。
अगर कुछ करना है तो Online से पढ़ें। Online में सब अच्छा है, बस यह Student पर depend करता है कि वह किस तरह पढ़ाई कर रहा है।
अभी मैं Social Media इस्तेमाल करती हूं, लेकिन Exam के समय बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करती थी।
बिल्कुल पढ़ें। यहां बहुत कुछ मिलता है। Tests भी होते हैं。
Crash Course में Revision कई बार हो जाता है। Sent-up Exam में भी Revision होता है। Objective की तैयारी भी बहुत अच्छी तरह होती है。
मुझे Objective को लेकर कभी Tension नहीं था। मेरा Objective बहुत अच्छा था क्योंकि मैंने बहुत Practice की थी।
🏆 Sanjay Sir की तरफ से Students के लिए संदेश
उन्होंने कहा कि सिर्फ Online पढ़ने की वजह से Students को डरने की जरूरत नहीं है कि उनका Result खराब हो जाएगा। अगर Student अपनी तरफ से 100% Effort देता है और संस्था की तरफ से मिलने वाली पढ़ाई का पूरा उपयोग करता है, तो Online पढ़कर भी बहुत अच्छा Result हासिल किया जा सकता है。
उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ District Topper ही नहीं, बल्कि थोड़े और Effort के साथ State Rank भी हासिल की जा सकती है।
Disha Online Classes क्या है, यह बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं。
लेकिन अगर आप भी मेरी तरह District Topper होना चाहते हैं, तो Disha Online Classes पर भरोसा करके पढ़ें और अपनी तरफ से 100% दें। आप बहुत अच्छा करेंगे और मुझसे भी अच्छा कर सकते हैं। आप State Topper भी बन सकते हैं。
Disha Online Classes बहुत अच्छा है।
🌟 Sadiya Khatoon की Success Story से क्या सीख मिलती है?
- 🌿 लगातार पढ़ाई करें: April से लेकर Exam तक उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी।
- 🌿 Online या Offline से ज्यादा जरूरी है आपकी मेहनत: Sadiya के अनुसार पढ़ाई का Result इस बात पर निर्भर करता है कि Student पढ़ाई को किस तरह लेता है।
- 🌿 Revision बहुत जरूरी है: उन्होंने Class के बाद Notes बनाए और लगातार Revision किया।
- 🌿 लिखकर Practice करें: Physics की Derivation और English में Writing Practice पर उन्होंने विशेष ध्यान दिया।
- 🌿 Exam के समय Social Media से दूरी रखें: उन्होंने बताया कि Exam के दौरान Social Media का इस्तेमाल नहीं करती थीं।
- 🌿 अपने Goal को लेकर Clear रहें: 12th में आते ही उन्होंने तय कर लिया था कि इस बार कुछ अच्छा करना है।
- 🌿 Exam Hall में अपना 100% दें: उनका Mindset था—“अपना 100% देना है और बहुत अच्छे से लिखना है।”
🎤 Interview का सबसे बड़ा संदेश
Sadiya Khatoon की कहानी सिर्फ एक District Topper की Success Story नहीं है। यह उन Students के लिए भी एक उदाहरण है जो घर से पढ़ते हैं, Offline Coaching नहीं कर पाते या उन्हें लगता है कि Online Study से अच्छे Marks नहीं आ सकते।
Sadiya ने अपने Experience से बताया कि सही Guidance, लगातार मेहनत, Revision, Practice और Self-Motivation के साथ Online Classes के माध्यम से भी बहुत अच्छा Result हासिल किया जा सकता है।
उनके पिता को शुरुआत में Online Study पर पूरा विश्वास नहीं था, लेकिन बेटी के Result ने उनका विश्वास बदल दिया। वहीं उनकी मां ने पढ़ाई के दौरान उन्हें Kitchen के काम से दूर रखकर पढ़ाई पर Focus करने के लिए Motivate किया।
464 Marks, Bhagalpur District में First Rank और पूरी तरह Online Preparation — Sadiya Khatoon की यह कहानी कई Students के लिए Motivation बन सकती है。